विद्यार्थियों को बताए बाल अधिकार और साइबर सुरक्षा के नियम: विधिक जागरूकता शिविर में दी जानकारी

बाल अधिकार और व्यक्तिगत सुरक्षा पर मार्गदर्शन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश विशाल अखंड ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन और सर्वांगीण विकास समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की समझाइश दी।
अच्छे-बुरे स्पर्श और ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी
न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकिता गुप्ता ने विद्यार्थियों को अच्छे-बुरे स्पर्श की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा और सोशल मीडिया के सावधानीपूर्वक उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने अनजान व्यक्तियों के साथ निजी जानकारी और तस्वीरें साझा नहीं करने की सलाह दी।
बाल विवाह और बाल श्रम के प्रति किया जागरूक
जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार ने निःशुल्क विधिक सहायता और बाल संरक्षण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम और बाल यौन शोषण जैसे अपराधों की रोकथाम के प्रति भी जागरूक किया।
विद्यार्थियों को दी गई महत्वपूर्ण सीख
शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी तरह के शोषण या ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने और समस्या आने पर भरोसेमंद बड़ों या संबंधित अधिकारियों से मदद लेने का संदेश दिया गया।