जंगलों में अवैध शराब की भट्टियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 8 भट्टियां ध्वस्त: 2,500 लीटर महुआ लाहन नष्ट

कुकड़ेश्वर, मनासा और रामपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; आबकारी विभाग की सक्रियता और जंगलों में अवैध शराब निर्माण पर निगरानी को लेकर उठे सवाल इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर निगरानी और आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में संचालित अवैध भट्टियों तक विभाग की पहुंच और नियमित कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जंगलों में संयुक्त पुलिस टीम का बड़ा ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में कुकड़ेश्वर, मनासा और रामपुरा पुलिस की टीमों ने ग्राम कड़ी आंत्री के बीहड़ जंगलों और नालों के आसपास तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल हो रही 8 चालू भट्टियां मिलीं।
पुलिस ने मौके पर ही भट्टियों को तोड़कर नष्ट किया और करीब 2,500 लीटर महुआ लाहन बहाकर नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई जंगलों में छिपे अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।
आबकारी विभाग की पिछली कार्रवाइयों पर भी उठे सवाल
उपलब्ध कार्रवाई संबंधी आंकड़ों के अनुसार, आबकारी विभाग ने हाल के दिनों में अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब और लाहन के खिलाफ कार्रवाई की थी।
3 नवंबर: मनासा क्षेत्र में 630 किलो लाहन और 24 लीटर शराब जब्त।
31 अक्टूबर: जिले में जांच के दौरान 550 किलो लाहन और 3 लीटर शराब जब्त।
27 अक्टूबर: 4 भट्टियां ध्वस्त, 675 किलो लाहन और 23 लीटर शराब जब्त।
24 अक्टूबर: 620 किलो लाहन और 5 लीटर शराब जब्त।
इन आंकड़ों की तुलना में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ही अभियान के दौरान 8 भट्टियां और 2,500 लीटर महुआ लाहन मिलने से विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जंगलों में अवैध शराब निर्माण रोकना बड़ी चुनौती
जिले के ग्रामीण और वन क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब बनाने के ठिकानों तक पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। दुर्गम स्थानों पर संचालित भट्टियों की नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है।
अवैध शराब में हानिकारक पदार्थों की मिलावट से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसलिए केवल तैयार शराब की जब्ती ही नहीं, बल्कि निर्माण के ठिकानों, कच्चे माल और इस कारोबार से जुड़े नेटवर्क की पहचान करना भी आवश्यक है।
आबकारी अधिकारी ने बताया, लगातार हो रही कार्रवाई
इस मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी बी.एल. सिंगाड़ा ने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और विक्रय पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सघन छापेमारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वृत्त प्रभारी और आबकारी दल ग्रामीण क्षेत्रों, संदिग्ध ठिकानों, जंगलों और ढाबों की निगरानी कर रहे हैं। जहां से भी अवैध लाहन और भट्टियों की सूचना मिलती है, वहां तत्काल टीम भेजकर जब्ती और नष्टीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही।
अब मुख्य तस्करों और निर्माण नेटवर्क पर कार्रवाई की जरूरत
जिले में पुलिस की हालिया कार्रवाई ने अवैध शराब निर्माण के ठिकानों की मौजूदगी को फिर उजागर किया है। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से जंगलों, नदी-नालों और ग्रामीण इलाकों में नियमित अभियान चलाएं।
साथ ही अवैध शराब बनाने वाले मुख्य आरोपियों, सप्लाई नेटवर्क और कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए। आमजन की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि कार्रवाई केवल छोटी जब्तियों तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध शराब निर्माण के पूरे नेटवर्क पर अंकुश लगाया जाए।