किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता, कम बारिश से प्रभावित किसानों को मिलेगी मदद : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर; कम वर्षा वाले क्षेत्रों का कराया जा रहा सर्वे मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास से पांढुर्णा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश के किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और किसान हितैषी योजनाओं से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कम बारिश वाले क्षेत्रों का हो रहा सर्वे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कम वर्षा वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उन्हें आवश्यक सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्राकृतिक खेती से किसान कमा रहे लाखों रुपये
मुख्यमंत्री ने पांढुर्णा जिले की कृषि उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गेहूं, मक्का, चना, तुअर और संतरा उत्पादन में जिले की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां खेती के साथ दुग्ध उत्पादन और कृषि आधारित गतिविधियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
महोत्सव में किसानों की सफलता के उदाहरण भी सामने आए। सौंसर के किसान मटरूलाल डोंगरे प्राकृतिक खेती और उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं। वहीं, संतरा उत्पादक नरेंद्र ठाकरे की सालाना आय 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
कृषि आधारित उद्योगों से रोजगार के अवसर
कार्यक्रम में पीएमएफएमई योजना के तहत दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने वाले किसान कृष्ण कुमार रबड़े ने अपने अनुभव साझा किए। प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि कृषि आधारित उद्योग ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकते हैं।
उत्कृष्ट किसानों, विद्यार्थियों और पशुपालकों का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसानों, मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट देशी गाय पालने वाले पांच पशुपालकों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर तकनीक, प्रसंस्करण और बाजार से जोड़कर उनकी आय एवं आर्थिक समृद्धि बढ़ाना है।