नीमच जिले में 683 से अधिक खेत तालाब तैयार: जल संरक्षण को मिली नई मजबूती

अति दोहित श्रेणी में शामिल जिले में जल संरक्षण की पहल; तीनों विकासखंडों में तालाब निर्माण, किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा पानी तीनों विकासखंडों में हुआ निर्माण
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में किसानों के खेतों में जल संरक्षण के लिए तालाब निर्माण को प्रोत्साहित किया गया। मनासा विकासखंड के एक कृषक खेत सहित नीमच, जावद और मनासा क्षेत्रों में खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है।
वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026 के स्वीकृत कार्यों को पूरा करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
सिंचाई के साथ बढ़ेगी जल उपलब्धता
खेत तालाबों में बारिश का पानी एकत्रित होने से किसानों को रबी और खरीफ दोनों मौसमों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे पारंपरिक फसलों के साथ सब्जियों और नकदी फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भूजल स्तर सुधारने में मिलेगी मदद
जिले के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में खेत तालाब बारिश के पानी को संरक्षित करने का उपयोगी माध्यम बन सकते हैं। इनके माध्यम से जल संचयन के साथ भूजल स्तर सुधारने में भी सहायता मिलेगी।
किसानों को जल संरक्षण के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
प्रशासन की ओर से किसानों को खेत तालाब निर्माण और जल संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में इस पहल का उद्देश्य कृषि के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना और भविष्य में जल संकट की आशंका को कम करना है।