बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज: पिता की अर्थी को दिया कंधा और दी मुखाग्नि

बेटियों ने कंधा देकर दी पिता को अंतिम विदाई
जानकारी के अनुसार, राजकुमार मित्तल (राजू) के निधन के बाद उनकी बेटियों स्नेहा और निधि ने पिता की अंतिम यात्रा में आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई। दोनों बेटियों ने अर्थी को कंधा दिया और अंतिम संस्कार की रस्मों में सक्रिय भूमिका निभाई।
पिता के प्रति बेटियों का यह समर्पण देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। बेटियों ने यह साबित किया कि माता-पिता के प्रति प्रेम, सम्मान और कर्तव्य निभाने के लिए बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं होता।
अंतिम संस्कार की रस्में निभाकर पेश की मिसाल
परिजनों के अनुसार, बड़ी बेटी स्नेहा (25) और छोटी बेटी निधि (22) ने पिता की अंतिम विदाई के दौरान पूरे साहस और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाई। दोनों ने परिवार के साथ मिलकर अंतिम संस्कार की परंपराओं को पूरा किया।
समाज को दिया बेटियों के सम्मान का संदेश
बेटियों के इस कदम को समाज में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह घटना बताती है कि बेटियां भी हर परिस्थिति में परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम हैं। पिता की अंतिम विदाई में बेटियों की भागीदारी ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और बेटियों के सम्मान एवं समान अधिकारों का संदेश दिया।