पिपलिया मंडी में 100 दुकानों में से सिर्फ 4 की सैंपलिंग: मिलावट पर अंकुश कैसे लगेगा?

मावे की शुद्धता, नकली चांदी के वर्क और घटिया रंगों के इस्तेमाल की आशंका; पैकेटों पर कीमत व निर्माण तिथि नहीं होने की शिकायत, सभी दुकानों की जांच की मांग त्योहार के मौसम में मिलावट की आशंका
नगर में मावे की मिठाइयों, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है। ऐसे में मावे की गुणवत्ता, मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले चांदी के वर्क और रंगों की शुद्धता को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं ने खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिर्फ चार दुकानों से लिए नमूने
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने नगर में जांच अभियान के दौरान चार दुकानों से नमूने लिए। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब नगर में लगभग 100 दुकानें हैं, तो जांच का दायरा भी व्यापक होना चाहिए। केवल कुछ दुकानों की जांच से मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण करना मुश्किल हो सकता है।
पैकेटों पर कीमत और निर्माण तिथि नहीं होने की शिकायत
कुछ खाद्य पदार्थों के पैकेटों पर कीमत और निर्माण तिथि जैसी जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि विभाग दुकानों के साथ पैक्ड खाद्य सामग्री की भी जांच करे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
सभी दुकानों की जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी मिठाई और नमकीन दुकानों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खाद्य विभाग को नियमित निरीक्षण के साथ मिलावट की पुष्टि होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके।