अफीम तस्करी से बड़ा हुआ तौल-बट्टे का खेल! 15 किलो अफीम पकड़ने के बाद 9 किलो गायब होने का आरोप: 90 लाख की कथित डील चर्चा में

रतलाम में 15 किलो अफीम पकड़ने के बाद 9 किलो गायब होने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, रतलाम जिले में पुलिस ने अफीम तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 15 किलो अफीम पकड़े जाने का दावा किया था। बाद में जब जब्त सामग्री के वजन और रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे तो करीब 9 किलो अफीम गायब होने के आरोप सामने आए।
इस मामले में करीब 90 लाख रुपये की कथित डील की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जब्ती और उसके बाद की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। ऐसे मामलों में जब्त मादक पदार्थों का सही वजन, पंचनामा, मालखाना रिकॉर्ड और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों का आपस में मिलान बेहद जरूरी है।
नीमच के पुराने NDPS मामलों का भी उल्लेख
रिपोर्ट में नीमच जिले के पुराने एनडीपीएस मामलों का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में जब्त मादक पदार्थों, उनकी मात्रा और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर विसंगतियां रही हैं। साथ ही कुछ पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच और जवाबदेही की जरूरत
मादक पदार्थों की जब्ती से लेकर मालखाने में जमा करने, नमूने भेजने और न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने तक प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड पारदर्शी होना आवश्यक है। यदि जब्ती के वजन या रिकॉर्ड में कोई अंतर सामने आता है तो उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल
अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस की विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है, ताकि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सके और पुलिस व्यवस्था पर आमजन का भरोसा बना रहे।