नीमच में कलेक्टर के आदेश भी बेअसर! 8 महीने से नाला बंद: 6 महीने से कचरा गाड़ी खराब

चंबल परियोजना ने पाइपलाइन डालकर रोकी पानी की निकासी, गोबर और अतिक्रमण हटाने के आदेश भी बेअसर; ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की आठ महीने से बंद नाला, जल निकासी व्यवस्था प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार, चंबल परियोजना के तहत पाइपलाइन डालने के दौरान नाले की पानी निकासी बाधित हो गई। नाला बंद होने से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
छह महीने से खराब पड़ी कचरा गाड़ी
क्षेत्र में कचरा संग्रहण के लिए उपलब्ध वाहन भी पिछले करीब छह महीने से खराब बताया जा रहा है। इसके कारण नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वाहन को जल्द ठीक करवाकर कचरा संग्रहण व्यवस्था सुचारु की जाए।
गोबर और अतिक्रमण हटाने के निर्देशों पर भी सवाल
ग्रामीणों ने क्षेत्र में गोबर और अतिक्रमण की समस्या को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक रास्तों और नालों के आसपास बनी समस्याओं का समाधान जरूरी है, ताकि आवागमन और सफाई व्यवस्था बेहतर हो सके।
विधायक और कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विधायक ओमप्रकाश सकलेचा और कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सफाई, जल निकासी और कचरा संग्रहण जैसी मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही से आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करता है और क्षेत्र की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।