अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा: परिजनों का आरोप- 3 घंटे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर

इंदौर रेफर करने की तैयारी के दौरान हुई मौत
जानकारी के अनुसार, ग्राम लदुना निवासी उमेश राठौर को सांस लेने में तकलीफ होने पर गुरुवार को अजय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनके प्लेटलेट्स लगातार कम होते गए। गुरुवार शाम तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इंदौर रेफर करने और वेंटिलेटर पर रखने की तैयारी की जा रही थी।
तीन घंटे तक डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि बार-बार सूचना देने के बाद भी करीब तीन घंटे तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए। इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना बाकी है।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक के परिजनों के अनुसार, उमेश राठौर के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 15 और 12 वर्ष बताई गई है। परिवार का कहना है कि उमेश ही घर की जिम्मेदारी संभालते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कार्रवाई और मुआवजे की मांग
घटना के बाद परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। सूचना मिलने पर वायडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से चर्चा की।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और मामले की जानकारी जुटाई। परिजनों की शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत और लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।