नीमच में 13 यात्री बसों की जांच, 6 में मिली खामियां: 16,500 रुपये का जुर्माना

दस्तावेजों और सुरक्षा उपकरणों की जांच
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के मार्गदर्शन और पीटीआरआई, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यातायात थाना प्रभारी मलखान सिंह ने टीम के साथ बसों की जांच की।
इस दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, टैक्स, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), परमिट तथा चालक और परिचालक के लाइसेंस की जांच की गई।
इसके अलावा बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े उपकरण भी देखे गए। इनमें फर्स्ट एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन और आपातकालीन खिड़कियों की कार्यशीलता शामिल रही।
कमियां मिलने पर चालानी कार्रवाई
जांच के दौरान 6 बसों में विभिन्न कमियां सामने आने पर पुलिस ने चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 16,500 रुपये का शमन शुल्क लगाया। साथ ही बस चालकों और परिचालकों को आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने, कमियों को समय पर दूर करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई।
यात्रियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी
जांच अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बसों में सवार यात्रियों, चालकों और परिचालकों को राहवीर योजना, पीएम राहत कैशलेस ट्रीटमेंट योजना और हिट एंड रन योजना के उद्देश्य, प्रक्रिया एवं लाभों की जानकारी भी दी।
पुलिस ने सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
यात्री सुरक्षा पर पुलिस का जोर
यातायात पुलिस का यह अभियान सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों और जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। बसों की नियमित जांच से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।