नीमच जिले में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई, 7 थाना क्षेत्रों में 8 गिरफ्तार: 41 लीटर शराब जब्त

ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब निर्माण की शिकायतें
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, मनासा, जावद, रामपुरा और रतनगढ़ क्षेत्र के कुछ गांवों, खेतों और जंगलों में हाथ भट्टी से कच्ची शराब बनाने की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। सुनसान स्थानों पर अवैध शराब तैयार किए जाने की आशंका के बीच पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सात थाना क्षेत्रों में पुलिस की कार्रवाई
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर शराब जब्त की गई।
बघाना थाना: अरनिया और धनेरियाकला के बीच पुलिया के पास से अंकित सिंह राजपूत (40) के कब्जे से 5 लीटर शराब जब्त की गई।
जीरन थाना: घसुंडी-जीरन तिराहे के पास चिताखेड़ा क्षेत्र से मनोज गायरी (19) के पास से 3 लीटर शराब बरामद हुई।
कुकड़ेश्वर थाना: फोफलिया मार्ग की पुलिया के पास राहुल मेघवाल (31) से 5 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई।
नीमच कैंट थाना: राजीव नगर रोड और निंबाहेड़ा रोड से दशरथ रावत (20) तथा अशोक मीणा (20) को पकड़ा गया। दोनों के पास से कुल 10 लीटर शराब मिली।
नीमच सिटी थाना: मनासा नाका क्षेत्र से सूरज कुमार सिंह राजपूत (35) के कब्जे से 5 लीटर शराब जब्त की गई।
रामपुरा थाना: आनंदीपुरा रोड के कच्चे रास्ते से लक्ष्मण कुशवाह (50) के पास से 8 लीटर अवैध शराब बरामद हुई।
रतनगढ़ थाना: जाट रोड स्थित कब्रिस्तान के पास संतोष भील (30) के कब्जे से 5 लीटर हाथ भट्टी की शराब जब्त की गई।
पुलिस के अनुसार, इन मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई है।
अवैध शराब से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा
बिना निर्धारित गुणवत्ता नियंत्रण के तैयार की गई कच्ची शराब में जहरीले पदार्थों की मिलावट का जोखिम हो सकता है। मेथनॉल जैसे जहरीले रसायन के सेवन से आंखों की रोशनी जाने, गंभीर बीमारी और मृत्यु तक का खतरा रहता है। इसलिए अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाना जनस्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
जिले में अवैध शराब से जुड़ी शिकायतों के बीच आबकारी विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, विभाग की निष्क्रियता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अवैध शराब निर्माण के ठिकानों और इससे जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है।
आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्रवाई केवल शराब की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित रहती है या अवैध निर्माण के स्रोतों और वितरण नेटवर्क पर भी प्रभावी नियंत्रण हो पाता है।