अफीम नीति 2026-27 जारी: मार्फिन का मानक बढ़ा: किसानों के लिए नए प्रावधान

गोंद वाली अफीम के लिए 4.4 किलो मार्फिन का मानक
नई नीति के अनुसार, 2025-26 में गोंद वाली अफीम की खेती करने वाले किसानों के लिए औसत मार्फिन उपज का मानक 4.4 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखा गया है। पात्रता के लिए किसानों को इस मानक के साथ नीति में निर्धारित अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
गोंद वाली अफीम की खेती के लिए अधिकतम लाइसेंस क्षेत्र 0.10 हेक्टेयर यानी 10 आरी तक निर्धारित है।
सीपीएस खेती के लिए अलग नियम
बिना चीरा लगाए पोस्त भूसा उत्पादन यानी सीपीएस पद्धति के लिए अलग पात्रता मानक लागू हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस श्रेणी में उपज का मानक 800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर और अधिकतम लाइसेंस क्षेत्र 0.05 हेक्टेयर यानी 5 आरी बताया गया है। हालांकि, सीपीएस के सभी पात्रता प्रावधानों और लाइसेंस अवधि की पुष्टि संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से की जानी चाहिए।
पुराने किसानों और कानूनी वारिसों के लिए प्रावधान
नई नीति में निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कुछ पुराने किसानों, अपील में राहत पाने वाले पात्र किसानों और मृतक पात्र किसानों के कानूनी वारिसों के लिए भी प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, किसी पात्रता श्रेणी में शामिल होने का अर्थ स्वतः लाइसेंस मिलना नहीं है। अंतिम निर्णय संबंधित नियमों और विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर होगा।
अगले फसल वर्ष के लिए लक्ष्य
गोंद वाली अफीम की खेती के लिए 2027-28 में पात्रता से जुड़ा मार्फिन मानक 5.9 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बताया गया है। सीपीएस पद्धति के लिए अगले वर्ष का 900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर का लक्ष्य भी संबंधित नीति दस्तावेज से जांचना जरूरी है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
अफीम उत्पादक किसान अपनी पिछली उपज, मार्फिन औसत, लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों का मिलान विभागीय रिकॉर्ड से करें। पात्रता सूची, आवेदन की समयसीमा और संबंधित शर्तों के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पर जारी सूचना देखें।
आधिकारिक जानकारी: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की वेबसाइट | सीबीएन ऑनलाइन पोर्टल