दो साल के सर्वे के बाद भी सड़कों पर सजा दीपावली बाजार: यातायात व्यवस्था पुलिस के भरोसे

वैकल्पिक बाजार की योजना नहीं हो सकी लागू
दो साल पहले इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने दीपावली के दौरान मुख्य बाजारों में लगने वाली अस्थायी दुकानों को दशहरा मैदान में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। उद्देश्य था कि शहर के प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण कम हो और त्योहार के दौरान खरीदारी करने आने वाले लोगों को जाम से राहत मिल सके। हालांकि, व्यापारियों के विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच यह योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी।
6 से 8 नवंबर तक नो-एंट्री व्यवस्था
यातायात पुलिस ने व्यवस्था संभालने के लिए 6 से 8 नवंबर तक नो-एंट्री लागू करने की तैयारी की है। इस दौरान प्रमुख बाजारों में तीन और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यातायात पुलिस के अनुसार, बाजारों में भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि पैदल ग्राहकों और दुकानदारों को आवागमन में परेशानी न हो।
प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन
यातायात पुलिस के निर्देशानुसार, शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। बाजार क्षेत्र में चारपहिया और बड़े वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा। इसके लिए पुलिस बल तैनात रहेगा और जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
त्योहार के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़े करने और नो-एंट्री नियमों का पालन करने की अपील की है। दुकानदारों से भी सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं करने का आग्रह किया गया है।
स्थायी समाधान की जिम्मेदारी किसकी?
हर साल दीपावली के दौरान बाजारों में जाम और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या सामने आती है। अस्थायी यातायात व्यवस्था से कुछ दिनों के लिए राहत तो मिल सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए बाजारों में व्यवस्थित वेंडिंग जोन, पर्याप्त पार्किंग और वैकल्पिक बाजार स्थल की योजना पर गंभीरता से काम करना जरूरी है।