बेगूं में खेत की तारबंदी में फंसने से मादा पैंथर की मौत: मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम

ग्रामीण की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम
उपवन संरक्षक केतन कुमार के अनुसार, क्षेत्रीय वन अधिकारी बेगूं मोहम्मद इस्माइल शेख को रविवार सुबह करीब 9:06 बजे ग्रामीण गोविंद बंजारा ने फोन पर सूचना दी कि नाथूराम जी का खेड़ा निवासी देवी सिंह राजपूत के खेत की तारबंदी में एक पैंथर फंसा हुआ है।
सूचना मिलने पर वन विभाग का नाका स्टाफ घटनास्थल पर पहुंचा। वहां लगभग 2 से 3 वर्ष की आयु का पैंथर तारबंदी में फंसा मिला। इसके बाद चित्तौड़गढ़ उड़न दस्ते को सूचना देकर रेस्क्यू के लिए आवश्यक निर्देश मांगे गए। उपवन संरक्षक और सहायक वन संरक्षक, रावतभाटा को भी मामले से अवगत कराया गया।
घटनास्थल बेगूं और मांडलगढ़ वन क्षेत्रों की सीमा पर होने के कारण मांडलगढ़ रेंज का स्टाफ भी मौके पर पहुंचा। हालांकि, रेस्क्यू दल के पहुंचने से पहले ही पैंथर की मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को वन विभाग की टीम ने अपने कब्जे में लेकर बेगूं रेंज कार्यालय पहुंचाया।
मेडिकल बोर्ड की मौजूदगी में पोस्टमार्टम
मृत पैंथर के पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से मेडिकल बोर्ड गठित किया गया। बोर्ड में डॉ. आरबाड नितिश सदाशिव, डॉ. बुद्धि प्रकाश मीणा और डॉ. देवशिन गुर्जर शामिल रहे।
उपखंड अधिकारी बेगूं और पुलिस उपाधीक्षक बेगूं की उपस्थिति में दोपहर 3:45 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। परीक्षण में पैंथर मादा और लगभग 2 से 3 वर्ष की आयु की पाई गई। जांच के दौरान उसके अंग, नाखून, दांत, मूंछों के बाल और खाल सुरक्षित पाए गए।
अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार लकड़ियों पर दाह संस्कार कर पैंथर के शव का निस्तारण किया गया। इस दौरान उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया, पुलिस उपाधीक्षक अंकित कुड़ी, सहायक वन संरक्षक रावतभाटा यशवंत कंवर, क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद इस्माइल शेख, मेडिकल बोर्ड के सदस्य और वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
मौके पर तैयार पंचनामा पढ़कर सुनाया गया। उपस्थित अधिकारियों और संबंधित सदस्यों ने उसे सही पाए जाने पर हस्ताक्षर कर प्रमाणित किया।